October 27, 2021

सुखजिंदर सिंह रंधावा होंगे पंजाब के नए मुख्यमंत्री।

धर्मपाल वर्मा

 दक्ष दर्पण समाचार सेवा

 चंडीगढ़

सुखजिंदर सिंह रंधावा

पंजाब और हरियाणा की राजनीति की आपस में तुलना करें तो बड़ा फर्क देखा जाता है। हरियाणा में मतदाता इस बात को मध्य नजर रखते हैं कि जिस पार्टी की केंद्र में सरकार बनती है बाद में विधानसभा में भी लोग अमूमन उसी पार्टी को वोट देते हैं मतलब उसी पार्टी की सरकार बनाते हैं लेकिन पंजाब में ऐसा नहीं होता ऊपर कांग्रेस की सरकार बन जाती है तो नीचे अकाली दल की सरकार बना देते हैं पर बीजेपी की सरकार बन जाती है तो नीचे कांग्रेस की सरकार बना देते हैं इसी तरह जब हरियाणा में राष्ट्रीय दल विशेषकर कांग्रेस का मुख्यमंत्री बनाने का सवाल होता है तो एक दो नाम ही सामने होते हैं पंजाब में कई कई उम्मीदवार रहते हैं कई बार तो 56 सशक्त उम्मीदवार होते हैं उनमें से किसी एक का फैसला करना बड़ा कठिन हो जाता है यही स्थिति आज बन गई है। पंजाब में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के विकल्प के तौर पर कोई एक-दो नाम नहीं आए आधा दर्जन से भी ज्यादा लोगों के नाम चर्चा में हैं इनमें सुनील जाखड़ अंबिका सोनी नवजोत सिंह सिद्धू प्रताप सिंह बाजवा सुखविंदर सिंह रंधावा आदि शामिल थे। काफी माथापच्ची के बाद सुखजिंदर सिंह रंधावा को मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में पेश किया गया है ।

अरुणा चौधरी हल्का दीनानगर

इसकी अधिकारिक घोषणा अभी बाकी है उधर अरुणा चौधरी को दलित तथा भारत भूषण आशू को हिंदू चेहरे के रूप में उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की बात सामने आई है। सुखजिंदर सिंह रंधावा गुरदासपुर से विधायक हैं और कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ झंडा बुलंद करने वाले मंत्रियों में उनका नाम प्रमुखता से लिया जाता हैं। इस फैसले के बाद प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू का पक्ष मजबूत नजर आया है ।

भारत भूषण आशू हलका लुधियाना ।

यह अलग बात है कि उनके नाम पर विचार हुआ ही नहीं। सत्ता की दौड़ के आखिरी दौर में सुनील जाखड़ बाजी हार गए जबकि राहुल गांधी उन को मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में थे।सुनील जाखड़ बलराम जाखड़ के पुत्र हैं जो 1980 से 1989 के बीच दो बार लोकसभा के अध्यक्ष पद पर रह चुके हैं। सुनील जाखड़ पंजाब में जाट परिवार से आते हैं। राजनीतिक लिहाज से देखा जाए तो पंजाब में जाटों का कोई खास प्रभुत्व नहीं है। सिख के बदले एक जाट नेता पर दांव खेलना कांग्रेस की रणनीति अंत में गोते खा गई। लेकिन कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के दिमाग में जरूर ये समीकरण बैठ रहा होगा। पंजाब में कांग्रेस का अध्यक्ष सिख यानी नवजोत सिंह सिद्धू हैं और सरकार की कमान  भी सिक्ख नेता के हाथ में होगी।

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