October 27, 2021

कैप्टन गए तो सुनील जाखड़ बन सकते हैं पंजाब के मुख्यमंत्री।

धर्मपाल वर्मा
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
चंडीगढ़।आज किसी भी समय पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का त्यागपत्र हो सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज सायंकाल कैप्टन अमरिंदर सिंह किसी भी समय पंजाब के राज्यपाल से मिलकर त्यागपत्र दे सकते हैं।
उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कॉन्ग्रेस नए मुख्यमंत्री के रूप में पूर्व सांसद और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ का नाम आगे कर सकती है ।यद्यपि श्री जाखड़ विधायक नहीं है लेकिन चुनाव की परिस्थितियों को देखते हुए उनका विधायक होना आवश्यक भी नहीं है। ऐसा माना जा रहा है कि कॉन्ग्रेस ने सुनील जाखड़ को इस बारे में संकेत भी दे दिए हैं।

नाइट वॉचमैन की तरह मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं सुनील कुमार जाखड़

जाखड़ के नाम पर विचार इसलिए हो सकता है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के त्यागपत्र के बाद उनके समर्थक विधायक श्री जाखड़ के नाम पर तो सहमत हो सकते हैं किसी और नेता को शायद ही मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार करें। इस बारे में पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी का नाम भी चर्चा में है लेकिन इस विचार को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा।
कॉन्ग्रेस चुनाव में जट सिख मुख्यमंत्री उम्मीदवार के नाम पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के नाम को आगे कर सकती है लेकिन इस समय सिद्धू को मुख्यमंत्री बनाने की कांग्रेस की कोई कोशिश नजर नहीं आ रही। ऐसा लगता है कि जब सुनील जाखड़ का त्यागपत्र हुआ उस समय कांग्रेस ने सुनील जाखड़ को किसी न किसी विचार पर विश्वास में ले लिया था ।सुनील जाखड़ त्यागपत्र के बाद बिल्कुल भी विचलित नहीं नजर आए और उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू से अपने संबंधों को संतुलित बना कर रखा और दोनों के बीच में कड़ी के रूप में भी काम करते नजर आए थे। उन्होंने यह दर्शाने और दिखाने की कोशिश की कि वे जो कुछ है कांग्रेस की बदौलत है और कांग्रेस आलाकमान का जब भी जो भी आदेश आएगा वह उसका पूरी तरह से अनुसरण करेंगे। समझा जाता है कि ताजा परिस्थितियों के दृष्टिगत कांग्रेस के महासचिव प्रभारी हरीश रावत भी वरिष्ठता और योग्यता के नाम पर सुनील जाखड़ को अधिमान देने की कोशिश करेंगे। सुनील जाखड़ पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता रह चुके हैं और कई बार अपने राजनीतिक बुद्धिमता और कौशल का परिचय दे चुके हैं। यहां यह बताना जरूरी है कि आज कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने चंडीगढ़ कांग्रेस भवन में सभी कांग्रेसी विधायकों की बैठक बुलाई है। इसी संदर्भ में कांग्रेस के महासचिव प्रभारी हरीश रावत ने भी रात 11:00 बजे ट्वीट करके कहा था कि इस बैठक में सभी विधायकों का हाजिर होना जरूरी है। जो विधायक नहीं आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

चुनाव में प्रधान की हैसियत के दम पर ताकत दिखाने का अवसर है नवजोत सिंह सिद्धू के पास।

उन्होंने विधानसभा में कई बार बादल सरकार को बैकफुट पर ले जा कर दिखाया यही कारण था कि पिछले विधानसभा चुनाव में अकाली दल के नेताओं ने एक योजना बनाकर सुनील जाखड़ को अब हर से विधानसभा चुनाव हराने का काम किया था।वैसे कैप्टन अमरिंदर सिंह के त्यागपत्र के बाद पंजाब में कांग्रेस में बड़ा तूफान देखने को मिल सकता है। इस नाराजगी और विरोध को सुनील जाखड़ का नाम आगे करके ही रोका जा सकता है। क्योंकि कैप्टन अमरिंदर समर्थक कांग्रेस के पंजाब के विधायक किसी जट सिख उम्मीदवार का समर्थन करने वाले नहीं हैं। पंजाब के चुनाव में कॉन्ग्रेस कैप्टन अमरिंदर सिंह नवजोत सिंह सिद्धू सहित कई नेताओं को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर प्रस्तुत कर सकती है और सुनील जाखड़ को मौके की एडजेस्टमेंट के रूप में प्रस्तुत कर नई रणनीति पर काम कर सकती है। ऐसा करके चुनाव तक कांग्रेस के संभावित विद्रोह को रोका जा सकता है।

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