September 19, 2021

चरखी दादरी महापंचायत में दिए गए फैसलों मैं छिपी है खापों के सरदारों की चतुराई । आंदोलन का नेतृत्व संयुक्त किसान मोर्चा करेगा ।खापे सहयोग देंगी, परंतु आंदोलन की निगरानी भी करेंगी।

धर्मपाल वर्मा

 दक्ष दर्पण समाचार सेवा

चंडीगढ़

मंगलवार 29 जून को संपन्न चरखी दादरी की सर्व जातीय सर्व खाप पंचायत में खापों के सरदारों ने समय की नजाकत के दृष्टिगत एक बहुत ही प्रभावी और रणनीतिक फैसला लेते हुए किसान आंदोलन को अनुशासन और मकसद की डोरियों से बांधने का काम तो किया ही, संयुक्त किसान मोर्चा के नेता रूपी अग्रणी लोगों को संदेश दे दिया है कि बे नेतागिरी की होड़ में शामिल होने की गलती ना करें और इसकी बजाए किसानों के कल्याण पर ,उनके हितों की सुरक्षा पर फोकस करें।

देखा जाए तो यह नसीहत भी है और परामर्श भी। खाप पंचायत ने एक तरह से यह कह दिया है कि उनका समर्थन आरंभ से किसान आंदोलन के साथ है जो अब भी निरंतर जारी रहेगा ।प्रत्येक घर से किसान प्रतिनिधि दिल्ली बॉर्डर पर कूच करेंगे, पूरा योगदान देंगे परंतु खाप पंचायतें आंदोलन की गतिविधियों पर पूरी नजर रखेंगी मतलब निगरानी करेंगी । इस पंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा के एक सदस्य योगेंद्र यादव ही उपस्थित थे । हाजरी को देखकर आयोजक बांसों उछल रहे थे ।जाहिर है इस स्थिति ने गठबंधन सरकार की चिंताएं बढ़ा दी होंगी।

चरखी दादरी के विधायक और सांगवान खाप के मुखिया सोमवीर सांगवान की पहल पर उनके नेतृत्व में संपन्न हुई इस महापंचायत में हुड्डा खाप के धर्मपाल हुड्डा ,नैन खाप के सुबेसिंह समैण पालम 360 खाप के सुरेंद्र सोलंकी अहलावत खाप के जय सिंह रोहतक 360 के जय सिंह फोगाट खाप के बलवंत सिंह जाखड़ खाप के कश्मीर सिंह दहिया खाप के सुरेंद्र सिंह सतरोल खाप के रामनिवास और कालीरामण खाप के तुलसीराम की पहल पर जो प्रस्ताव पास हुए उसमें सरकार से तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग करते हुए ऐलान किया गया कि किसान आंदोलन का नेतृत्व संयुक्त किसान मोर्चा करता रहेगा खापे संयुक्त मोर्चा और आंदोलन को पूरा सहयोग देंगी लेकिन आंदोलन की गतिविधियों पर नजर रखेंगी । इसका तात्पर्य और मूल मंत्र यही है कि आंदोलन दिशा न भटके और नेतृत्व राजनीतिक महत्वाकांक्षा में परस्पर होड़ लगाने की गलती ना करें। यह पंचायत अपने मकसद में इसलिए भी कामयाब रही कि 4 दिन के नोटिस पर अनुमान से दुगने लोगों ने शिरकत की जिसमें महिलाओं का योगदान अनुकरणीय रहा ।चिलचिलाती धूप में इस तरह की हाजिरी ने यह भी सिद्ध कर दिया कि विधायक सोमवीर सांगवान में नेतृत्व के सारे गुण विद्यमान हैं और आने वाले समय में वे हरियाणा की राजनीति और खाप पंचायतों के सामाजिक ताने-बाने के प्रमुख केंद्र बिंदु बने रहेंगे।
इस पंचायत में अपने संबोधन में श्री सांगवान ने कई बातें प्रमुखता से उठाई जिनमें यह संदेश भी था कि मध्यम वर्ग से संबंधित उत्तर भारत का किसान शासकों के खिलाफ विरोध करने, लड़ाई लड़ने में सक्षम है और वह अपनी बात मनवाना जानता है ।उसने ऐसा करके कई बार इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया है । श्री सांगवान ने इस मामले में कई ऐतिहासिक उदाहरण दिए और कहा कि इतना लंबा शांतिप्रिय अनुशासित मर्यादित और संकल्पित आंदोलन दुनिया में कहीं भी और कभी भी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि किसानों के इरादों के सामने सरकार टिक नहीं पाएगी और आखिर में सरकार को किसानों की बात मानते हुए तीनो कृषि कानून वापिस लेने पड़ेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस आंदोलन को तोड़ने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाती आ रही है लेकिन उसे अब यह एहसास हो गया है कि किसान हर बात को समझने लगे हैं और उन्हें न डराया जा सकता न दबाया जा सकता । उन्होंने कहा कि पुराना भिवानी जिला किसान आंदोलन में किसी मामले में भी पीछे नहीं रहा है ।दिल्ली मार्च, ट्रैक्टर यात्रा काला दिवस मनाने के मामले में उसने बढ़ चढ़कर भाग लिया । उन्होंने प्रदेश भर से पंचायत में पहुंचे प्रतिनिधियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि आंदोलन में आपका जो योगदान है उसका लाभ पीढ़ियों तक मिलेगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि उसे किसानों के हितों से कोई लेना देना नहीं है । उन्होंने कहा कि यह जनता की नहीं बल्कि पूंजी पतियों की सरकार है और उन्हीं के हितों की सुरक्षा करते हुए किसानों के आंदोलन के प्रति निरंकुशता का परिचय दे रही है। उन्होंने जन सामान्य का आह्वान किया कि वह किसान आंदोलन के समर्थन में दिल्ली मार्च में हिस्सा ले और आंदोलन में तन मन धन से सहयोग प्रदान करें।
खाप प्रमुख सुबे सिंह समैण ने कहा कि आंदोलन सही दिशा में चले और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोग नेतागिरी की होड़ में शामिल ना हो ,यह वक्त की सख्त जरूरत है और इस पर खाप पंचायतें नजर रख रही हैं ‌। इसीलिए आंदोलन को दिशा देना नेतृत्व पर नजर रखना खाप पंचायतों की भी जिम्मेदारी है।
योगेंद्र यादव ने आंदोलन से जुड़ी कई चीजों को उजागर करते हुए महापंचायत के आयोजक विधायक सोमवीर सांगवान के जज्बे की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने यह साबित कर दिया है कि वह सत्ता से चिपक कर रहने वाले व्यक्ति नहीं है बल्कि लोगों के बीच के उनका दर्द समझने वाले अच्छी छवि के नेता हैं। आज के प्रस्ताव इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है ।
आज की महापंचायत में जिस तरह के प्रस्ताव पास हुए हैं उनकी समीक्षा के रूप में एक बार डंके की चोट पर कही जा सकती है कि खाप पंचायतों के मुखियाओं को भी यह लग रहा है कि आंदोलन लंबा चलाना पड़ सकता है और नेता मतलब आंदोलन के नेतृत्व से जुड़े लोग महत्वकांक्षी ‌होकर एक दूसरे से आगे निकलने के चक्कर में आंदोलन को कमजोर और दिशा भ्रमित करने की गलती करेंगे तो खाप पंचायतें उन्हें नियंत्रित करने का काम करेंगी। खाप पंचायतों के आज के फरमान से निश्चित तौर पर उन लोगों पर जरूर अंकुश लगेगा जो आंदोलन के माध्यम से अपनी राजनीति को दिशा देने की योजना पर काम कर रहे होंगे।
महापंचायत के आयोजन से सोमवीर सांगवान की स्थिति इसलिए भी मजबूत हुई है लोगों ने यह मान लिया है कि उन्हें सत्ता का लालच नहीं है । वह उनके बीच के और उन जैसे सरल और सीधे परंतु जुझारू नेता है।
पंचायत के बाद में पत्रकारों से बात करते हुए श्री सांगवान ने दो बाते स्पष्ट कर दी। एक यह कि वे कभी किन्ही स्थितियों में भी भारतीय जनता पार्टी के साथ जाकर खड़े नहीं होंगे और एक यह कि वे मतलब खाप पंचायतें राज्य में पंचायती राज व्यवस्था के चुनाव का किसी रूप में भी विरोध नहीं करेंगे। पंचायत में मौके पर मौजूद विशेषज्ञ खापों के मुखियाओ मे सोमवीर सांगवान के प्रभाव और समन्वय से प्रभावित नजर आए। पंचायत प्रतिनिधि कार्यक्रम में प्रबंधन से संतुष्ट नजर आए।

Previous post राहुल प्रियंका गांधी सेना के बढ़ते कदम: प्रतीक सुनील गौतम बनें जिला युवा अध्यक्ष साऊथ वेस्ट दिल्ली व अनिल मित्तल बनें चेयरमेन सांस्कृतिक प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़
Next post केजरीवाल के लगातार गेंदों पर 3 छक्के । घरेलू बिजली के बिलों में 300 यूनिट फ्री देने की घोषणा।